मंगलवार, 28 अप्रैल 2009

उम्मीद

" कल सुबह बहुत अच्छी होगी। कल सुबह सब ठीक हो जाएगा! "
- श्रीमती किरन सिन्धु

ज़रा सी दो लाइनें दिल छू गयीं। शायद इसी लिए कहते हैं कि उम्मीद पर दुनिया है!

(कनुप्रिया के ब्लॉग से साभार)

2 टिप्‍पणियां:

Kanupriya ने कहा…

Ah thank you so much, I must show this link to my mom. I am sure she will be delighted to see this. BTW never realized u write so well in Hindi. This is really great to know. Will read more posts here now :-). And yes, these two lines have helped me sail through so many things...always a hope for something better tomorrow.

ubuntu ने कहा…

जगजीत सिंह जी की ग़ज़ल याद आ गयी |
"एक ब्राहमण ने कहा है के ये साल अच्छा है .."

Asty तुम तो शुरू से ही हिंदी में माहिर रहे हो :०)