'नज़र लगे न' की यह पंक्तियाँ दिल छू गयीं!
तुम से पूछूँ,
ख़ुद से पूछूँ
या दिल के अरमानों से
प्यार के लम्हे
अक्सर ही क्यूँ
आते हैं मेहमानों से
पास घड़ी भर को
रहते हैं
कल फ़िर आएँगे
कहते हैं!
ना पानी ना
ये हवा से
फ़िर जाने क्यूँ
बहते हैं!
('A Wednesday' फ़िल्म से)